सेंसेक्स 473 अंक उछला, निफ्टी 22,556 पर बंद; गिरावट का सिलसिला थमा। बुधवार को आरबीआई का फ़ैसला
कच्चे तेल में नरमी और अमेरिका की कमज़ोर रोज़गार रिपोर्ट से फ़ेड की तेज़ दरवृद्धि का डर घटा। सिटी की अपग्रेड रेटिंग पर आईटीसी करीब 5 प्रतिशत चढ़ा। रुपया लगभग स्थिर रहा और विदेशी निवेशक बिकवाली करते रहे।
सोमवार को लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाज़ार उछले। बीएसई का सेंसेक्स 472.77 अंक, यानी 0.66 प्रतिशत चढ़कर 72,382.47 पर बंद हुआ; पिछला बंद 71,909.70 था। एनएसई का निफ्टी 50 133.80 अंक, यानी 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर रहा। एक बाज़ार रिपोर्ट के अनुसार गिरावट के चार सत्रों में सेंसेक्स करीब 2.7 प्रतिशत और निफ्टी करीब 3.1 प्रतिशत फिसला था। कई समाचार संस्थानों ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, सभी क्षेत्रों में खरीदारी और अमेरिका की कमज़ोर रोज़गार रिपोर्ट को वजह बताया, जिससे अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) की तेज़ दरवृद्धि के दाँव कमज़ोर पड़े। एक संस्थान ने गिरावट को आठ दिन लंबी बताया; ज़्यादातर ने चार सत्र गिने, और हमने चार ही लिए हैं।
आईटीसी सबसे आगे रहा। सिटी (Citi) ने उसकी रेटिंग ‘बेचो’ से बढ़ाकर ‘खरीदो’ की और लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 300 रुपये किया। उसका तर्क है कि सिगरेट पर कर में भारी बढ़ोतरी के बाद कमाई के अनुमान घटाए जाने का दौर लगभग खत्म हो गया है। इसके बाद शेयर करीब 5 प्रतिशत चढ़ा। पुराने लक्ष्य पर संस्थानों में मतभेद है (270 या 280 रुपये)। रुपया डॉलर के मुकाबले 96.30 पर लगभग स्थिर बंद हुआ; पीटीआई (PTI) की अनंतिम गिनती में यह पाँच पैसे कमज़ोर है, और माना जा रहा है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) उतार-चढ़ाव को थाम रहा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली जारी रही, और घटता विदेशी मुद्रा भंडार रुपये को बचाने में आरबीआई की लागत दिखाता है। अब सबकी नज़र मौद्रिक नीति समिति पर है, जो बुधवार सुबह 10 बजे अपना फ़ैसला सुनाएगी। सितंबर के आखिर में रॉयटर्स (Reuters) के 61 अर्थशास्त्रियों के सर्वे में 35 ने रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई, जिससे दर 5.50 प्रतिशत हो जाएगी। फ़रवरी 2023 के बाद यह पहली बढ़ोतरी होगी।